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"बदला"

  • Writer: Archana Anupriya
    Archana Anupriya
  • Jun 19, 2020
  • 1 min read

Updated: Jul 13, 2020



आज ठाकुर साहब के पैरों के नीचे की जमीन खिसक गई थी।उनके खुद के बेटे-बहू ने चालाकी से सारी जमीनें एक ऐसे शख्स को मोटी रकम में बेच दी थीं, जो अंडरवर्ल्ड का डॉन कहलाता था और सारी रकम लेकर विदेश जाने के लिए निकल पड़े थे।यहाँ तक कि ठाकुर साहब को इस बुढ़ापे में अपनी पत्नी के साथ किलेनुमा हवेली छोड़कर किराए के मकान में रहने की नौबत आ गयी थी।पति-पत्नी दोनों सोचते रहते थे कि इतनी पूजा-पाठ की और इतने हवन करवाये पर कुछ काम न आया।इधर गाँव के लोग आपस में बातें कर रहे थे कि भगवान ने ठाकुर साहब को उनकी ज्यादातियों का ही बदला दिया है। जब तक जमींदारी थी,ठाकुर साहब ने न जाने कितनों को परेशान कर रखा था।एक तो किसानों की खेत जबरन गिरवी रखवा लेते और फिर उनके घर परिवार वालों से दिन रात बेगारी करवाते रहते थे...भगवान के घर देर है, अँधेर नहीं..।

अर्चना अनुप्रिया।


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