top of page
भावों की चयनिका by Archana Anupriya

भावों की चयनिका
- Archana Anupriya
Search
डायरी प्रियामन की..
कहीं रंग कहीं जंग कहीं ग्रहण दबंग क्या अजीब नजारा बन गया है जहान में.. कहीं बातें कहीं घातें कहीं रंग भरी रातें क्यों सितारों की जगह शोले दिखें आसमान में.. कहीं डर कहीं क्षर कहीं जल रहे घर क्यों हीनता संवेदना की भरी इंसान में ? ©अर्चना अनुप्रिया

Archana Anupriya
Mar 21 min read


"लुप्त होती धार्मिक परंपराएं"
“लुप्त होती धार्मिक परंपराएं” बदलते समय ने केवल समाज की व्यवस्था ही नहीं बदली है बल्कि, युगों से चले आ रहे धार्मिक रीति रिवाज और परंपराओं में भी बदलाव किया है। आजकल सनातन संस्कृति की चर्चा तो देश में जोर-शोर से हो रही है परंतु, सनातन संस्कृति के प्रतीक,धार्मिक रीति रिवाज और परंपराएं घटती जा रही हैं।सनातन के धार्मिक व्यवहार किसी विशेष पंथ से जुड़े नहीं हैं बल्कि ये मानव जीवन को बेहतर और संतुलित बनाने की प्रक्रिया हैं।यह वह रास्ता है,जो मानव जीवन के लिए हमेशा से जरुरी है और ह

Archana Anupriya
Feb 59 min read
"वकालत में महिलायें"
“भारतीय वकालत के क्षेत्र में स्त्रियों की भूमिका” भारतीय न्याय व्यवस्था देश के लोकतांत्रिक ढांचे की रीढ़ मानी जाती है, और इस व्यवस्था को मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका आज अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली बन चुकी है। एक समय था जब कानून और अदालतें पुरुष-प्रधान क्षेत्र मानी जाती थीं, लेकिन आज महिलाएँ न केवल इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं, बल्कि नेतृत्व, संवेदनशीलता और नारीसुलभ दृष्टिकोण के साथ इसे अधिक मानवीय और संतुलित भी बना रही हैं। भारत में महिलाओं की वकालत

Archana Anupriya
Jan 65 min read
"बदल रहा है समय"
“बदल रहा है समय..” बदलाव प्रकृति का नियम है और समय के साथ बदलना जरूरी भी है।चीजें बदलती रहती हैं.. और बदलना अच्छा भी है क्योंकि समय के साथ चलना जरूरी है।अगर पीछे छूट गये तो या तो पीड़ा होगी या पीड़ा देने लग जायेंगे।भगवान ने भी इस बात पर जोर दिया है कि समय के लिए ,धर्म के लिए,अपने कर्म के लिए बदलना ही चाहिए।खुद भगवान भी अलग-अलग युग में रूप बदल-बदलकर आये। समय के हिसाब से ही ईश्वर भी अपने अवतार में बदलाव करके आये।त्रेतायुगीन अवतार में राक्षसों द्वारा फैलायी अव्यवस्था को दूर करने क

Archana Anupriya
Jan 16 min read
"ढाई अक्षर प्रेम के"
“ढाई अक्षर प्रेम के” अबकी श्रावण मास ने आते ही प्रेम के गुलाब बरसाये…पंखुड़ियां अभी भी मेरी रूह से चिपकी महक रही हैं।भोले बाबा ने इस...

Archana Anupriya
Aug 18, 20256 min read
"रक्षाबंधन"
"रक्षाबंधन" पूरे शहर में कर्फ्यू लगा था। सारी दुकानें बंद, स्कूल कॉलेज बंद... अजीब से हालात थे...यहाँ तक कि मंदिर-मस्जिद भी जाने की किसी...

Archana Anupriya
Aug 9, 20252 min read
"रोष प्रकृति का,दोष मनोवृत्ति का"
“रोष प्रकृति का,दोष मनुवृत्ति का” अभी उत्तराखंड के समाचार देखना शुरू ही किया था कि विज्ञापन आ गया।मन क्षुब्ध हो गया। फिर गूगल पर पढ़ना...

Archana Anupriya
Aug 8, 20254 min read
"युवा पीढ़ी के भटकाव को रोक सकते हैं स्वामी विवेकानंद जी के विचार"
“ युवा पीढ़ी के भटकाव को रोक सकते हैं स्वामी विवेकानंद जी के विचार” आज दुनिया के हर माता-पिता को इस बात से शिकायत है कि उनके बच्चे उनकी...

Archana Anupriya
Jul 3, 20257 min read
"जंगल की संसद"
"जंगल की संसद" वन की संसद का अधिवेशन था कई झमेलों का इमरजेंसी सेशन था सारे पशु पक्षियों का मानो लगा हुआ था मेला... हर एक अपनी शिकायतों ...

Archana Anupriya
Jun 27, 20253 min read
डायरी मन की--"हादसा? लापरवाही?साजिश?बदला?या संतुलन?"
हादसा? लापरवाही?साजिश? बदला?या संतुलन? आये दिन जो कुछ भी अच्छा या बुरा घटित होता है उसके पीछे मनुष्यों के कर्म उत्तरदायी हैं या ईश्वर की...

Archana Anupriya
Jun 14, 20254 min read
डायरी मन की-"अर्द्धशतक"
"अर्द्धशतक ” उम्र क्या है? गिनती है उन दिनों की, जिस दिन से हम इस धरती पर आए हैं। जो जितना पुराना होता जाएगा,वह जीवन का हर रुख उतना ही...

Archana Anupriya
Jun 6, 20252 min read
"ठुकरा के मेरा प्यार "
*"ठुकरा के मेरा प्यार *"*- *एक समीक्षा** ठुकरा के मेरा प्यार सीरीज़ एक हिंदी ड्रामा है,जो डिज्नी+ हॉटस्टार पर दिखाया जा रहा है।इसका...

Archana Anupriya
Feb 24, 20254 min read


"झरोखा जिंदगी का"
१)धड़कते दिल की इमारत में न इबादत है,न बंदगी.. ईंट -पत्थर के मंदिर -मस्जिद में खुदा ढ़ूंढ़ते हैं लोग.. २)मजबुरियां सिखा देती हैं और...

Archana Anupriya
Dec 6, 20242 min read


"सीने में जलन..."
“दिल्ली और प्रदूषण” सीने में जलन, आँखों में तूफ़ान सा क्यों है, इस शहर में हर शख़्स परेशान सा क्यों है...? 1978 में आई फिल्म 'गमन' का यह...

Archana Anupriya
Dec 2, 20247 min read
रील की बीमारी, रीयल जीवन पर भारी "
“रील की बीमारी,रीयल जीवन पर भारी" अभी हाल के दिनों में शिक्षक दिवस के अवसर पर एक अजीब सा वीडियो वायरल हो गया। किसी शिशु विद्यालय में...

Archana Anupriya
Nov 3, 20248 min read
My Quotes
मन के राज कभी आँखों से जाने नहीं जाते.. अक्सर चेहरों से इंसान पहचाने नहीं जाते.. ----- इंसान का खुद पर भरोसा हो अगर.. तो,मुकाबला भी खुद...

Archana Anupriya
Sep 3, 20242 min read


"ओलम्पिक में भारतीय महिलाएं"
हर क्षेत्र में मजबूत कदम रखती और आत्मविश्वास के साथ सफलता की सीढ़ियां चढ़ती महिलाएं खेलकूद की दुनिया में भी तेजी से शीर्ष पर आती दिखने...

Archana Anupriya
Aug 30, 20249 min read
"सच्चा प्रेम और राधा-कृष्ण"
“सच्चा प्रेम और राधा-कृष्ण” प्रेम एक ऐसा विषय है जिसके ऊपर न जाने कितनी रचनाएं गढ़ी गई हैं,कितनी तरह से इसे परिभाषित किया गया है लेकिन आज...

Archana Anupriya
Aug 26, 202410 min read
"वो लास्ट सीन"
" वो लास्ट सीन.." "जीवन में कई मोड़ हैं, अपनी सुविधा के हिसाब से मुड़ जाना चाहिए यदि मंजिल ही लक्ष्य है तो.." पहाड़ की दुर्गम चढ़ाई...

Archana Anupriya
Aug 15, 20241 min read


"पारंपरिक खेल और क्रिकेट"
“पारंपरिक खेल और क्रिकेट” अंतिम गेंद पर जैसे ही बल्ला घूमा, फिल्डिंग करती भारतीय टीम के खिलाड़ी ने कैच लपक लिया और बैट्समैन आउट घोषित...

Archana Anupriya
Aug 1, 20249 min read
bottom of page