top of page

"सफाई"

Writer: Archana Anupriya
Archana Anupriya
Oct 20, 2022
1 min read

ये कचरा नहीं है दिमाग में

सब पुरानी यादों के जाले हैं 

उलझा कर रखा करते थे जो 

उन्हें साफ करके निकाले हैं.. 


स्वच्छता केवल घर की नहीं 

अपने मन की भी करनी होगी 

राम तभी आएँगे हमारे मन में 

हृदय में शुद्धता भरनी होगी.. 


पुरानी यादें,नफरत का जज्बा 

और मैल मन के निकालने होंगे 

जकड़कर रखते हैं ये विचारों को 

जमे पुराने सभी गर्दे झाड़ने होंगे.. 


स्वच्छ मन और स्वच्छ विचार 

शुद्ध वचन और कर्म बनाते हैं 

साफ नीयत और प्रेम भाव ही 

जीवन में आशा दीप जलाते हैं..

            © अर्चना अनुप्रिया

 

Recent Posts

See All
"जंगल की संसद"

"जंगल की संसद" वन की संसद का अधिवेशन था कई झमेलों का इमरजेंसी सेशन था सारे पशु पक्षियों का मानो लगा हुआ था मेला... हर एक अपनी शिकायतों ...

 
 
 

Comments


bottom of page