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भावों की चयनिका by Archana Anupriya

भावों की चयनिका
- Archana Anupriya
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कुन्नूर की वादियों में फिल्टर कॉफी
भीगा-भीगा मौसम, मंद-मंद चलती शीतल हवा,चारों ओर हरे-भरे पहाड़ और घाटियाँ, घाटियों के बीच से गुजरती टॉय-ट्रेन और हाथ में गरमागरम फिल्टर कॉफी...

Archana Anupriya
Jun 18, 20202 min read


उत्साह/उमंग
पिंजरे में कैद पंछी का उत्साह कैद नहीं होता कैद नहीं होती है उसकी सोच ऊर्जा होती है उसके विचारों में वह इधर-उधर घूमकर तलाशता रहता है...

Archana Anupriya
Jun 17, 20201 min read


दो जून की रोटी
शम्भु बन गया प्रेरणा

Archana Anupriya
Jun 15, 20201 min read


घर
ज्योति ने एक बार फिर सारे कमरों का बड़ी गहराई से मुआयना किया। हर चीज अपनी जगह खिल रही थी। सारा घर किसी फाइव स्टार होटल के सुसज्जित कमरों...
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Jun 14, 20209 min read


जीवन का उद्देश्य
कभी-कभी सोचती हूँ-
इस जीवन का उद्देश्य
क्या है?
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Jun 14, 20201 min read


माँ का पद..
जीवन के उतार-चढ़ाव
भरे रास्तों में
एक पद ऐसा भी है
इस संसार में
जिसकी प्रतिष्ठा की खातिर
वो ईश्वर भी
अत्यंत आतुर हैं और नम्र हैं
व्यवहार में…
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Jun 14, 20201 min read
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