top of page
भावों की चयनिका by Archana Anupriya

भावों की चयनिका
- Archana Anupriya
Search


"हाय ये मौसम..गर्मी में दे सर्दी का अहसास"
हर सर्दी में एक पोस्ट व्हाट्सएप पर बहुत बार आता रहता है.. “ ऐ ठंड इतना ना इतरा* हिम्मत है तो मई-जून में आ कर दिखा" इन्सानों के इस चैलेंज...

Archana Anupriya
May 4, 20231 min read


My QUOTES:
जो भक्त हैं महाकाली की शक्ति के.. भला क्यों डरें दुश्मनों की हस्ती से... ************ ममता,दुलार और स्नेह की स्वरूप है जो... जगत माता,जगत...

Archana Anupriya
Apr 25, 20231 min read


"डिजिटल हुई किताबें"
खोने लगी है खुशबू कागज की डिजिटल तकनीकि में फंसकर.. कलम और पेंसिल उदास हैं की-बोर्ड की साजिश में उलझ कर.. बड़ी अदा से आई थी यूनिकोड और...

Archana Anupriya
Apr 23, 20231 min read
"उफ...ये गर्मी"
इस गरमी का क्या करें साहिब..गाड़ी अभी स्टार्ट ही हुई थी कि गियर सीधा चौथे नम्बर का लग गया।39-40 डिग्री तापमान दिखा रहा है दिल्ली के मौसम...

Archana Anupriya
Apr 20, 20233 min read


"वर्तमान काल में भगवान हनुमान की प्रासंगिकता"
हनुमान जयंती के अवसर पर न्यूज चैनलों को खंगालते हुए जब हिंसात्मक,विवादास्पद और नकारात्मक समाचार दिखने लगे तो एक प्रश्न अनायास ही मन में...

Archana Anupriya
Apr 13, 20236 min read


"अप्रैल फूल"
"अप्रैल फूल" सुबह-सुबह एक मैसेज आया-"आपलोग ठीक हैं न,ध्यान रखियेगा" और फिर भूकंप में क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए, इसपर एक पोस्ट था।मैसेज...

Archana Anupriya
Apr 1, 20233 min read


"राजा राम की मर्यादा"
"राजा राम की मर्यादा" पिछले दिनों लोकसभा के चुनाव के दौरान "परिवारवाद" और "राष्ट्रवाद" पर चारों तरफ बहुत चर्चाएँ हुईं... और अंततः, यह...

Archana Anupriya
Mar 30, 20235 min read


"कर्मण्येवाधिकारस्ते.."
"कर्मण्यवाधिकारस्ते.." "कर्म किए जा फल की इच्छा मत कर ऐ इंसान"- गीता का यह ज्ञान जिंदगी का सार है। मतलब यह कि आप बस अपना कार्य करें, फल...

Archana Anupriya
Jan 19, 20234 min read


“ बचपन… एक याद”
भूलता नहीं कभी मुझे वह मस्त और सुहाना बचपन कितना सरल, कितना निश्छल वह मधुर चंचल लड़कपन..। जीवन का वह ऊषाकाल न चिंता, न कोई हलचल शिशु-मन की...

Archana Anupriya
Nov 14, 20221 min read


"सफाई"
ये कचरा नहीं है दिमाग में सब पुरानी यादों के जाले हैं उलझा कर रखा करते थे जो उन्हें साफ करके निकाले हैं.. स्वच्छता केवल घर की नहीं अपने...

Archana Anupriya
Oct 20, 20221 min read


"फुटपाथ की दीपावली"
नगर को दीप सजा रहे थे प्रकाश अमावस को लजा रहे थे.. सभी दुकानें भरी पड़ी थीं हर तरफ रौशनी की लड़ी थी.. लोग मस्ती में झूम रहे थे एक-दूजे...

Archana Anupriya
Oct 16, 20221 min read


"रावण जिंदा है..."
गूँज रहा है अट्टहास, हँस रहा है रावण- "पुतले जला रहे हैं लोग, मैं सबमें जी रहा हूँ जीवन.. कई नाम हैं मेरे कई हैं मेरे चेहरे...

Archana Anupriya
Oct 4, 20221 min read


"कागज के टुकड़े"
सुबह से ही घर में हंगामा था।सारी सोसायटी के लोग महेशनाथ जी के घर के आगे जमा हो रहे थे। कल रात कोई चोर महेशनाथ जी की तिजोरी ही चुराकर ले...

Archana Anupriya
Sep 7, 20228 min read


"कर्म"
"नैतिकता जब आहत हुई, फरेब मुस्कुराने लगे.. सच्चाई जब मृत हो गई, झूठ नाचने,गाने लगे.. दौलत की भूख के आगे, सारे कर्तव्य बेकार हुए.....

Archana Anupriya
Aug 19, 20221 min read
"देशभक्ति"
हवा चली देशभक्ति की दिनभर फिर लुप्त हो गई.. बजे गाने,लगे झंडे तस्वीरों पर धड़कनें तृप्त हो गई.. अब शुरू होगा दौर मुहब्बतों का मस्तियों का...

Archana Anupriya
Aug 18, 20221 min read


"राष्ट्र-जागृति"
जन-जन इस क्षण मन में अशांत, यह सोच बुद्धि है श्रांत-क्लांत.. भारत कैसे विकसित होगा? कैसे यह नव निर्मित होगा?.. क्या है विकल्प का एक रुप?...

Archana Anupriya
Aug 13, 20221 min read


"सरहद की राखी"
जंग के लिए दुश्मन अड़ा था, सरहद पर कोई भाई खड़ा था, व्यथित थी भारत मां हमारी, मन तो दुविधा में पड़ा था... सोच रही थी वो मन ही मन-...

Archana Anupriya
Aug 10, 20221 min read


"दोस्ती"
दोस्तों की तो बात न पूछो, दूर भी हैं और साथ भी.. जब भी चाहे उन्हें बुला लो यादें भी हैं,जज्बात भी.. आँखें अगर जो बंद करो तो गुजरा हुआ पल...

Archana Anupriya
Aug 7, 20221 min read


"टाईम मशीन"
"टाईम मशीन" (लघु बाल उपन्यास) -- अर्चना अनुप्रिया ***************** समर्पण यह लघु उपन्यास उन सभी को समर्पित है,जो विदेश की धरती पर भी...

Archana Anupriya
Jul 23, 202236 min read


"जीने का सार...अपनाना या जानना"
किसी चीज को अपनाना और उसे जानना--दो अलग-अलग बातें हैं। जब हम किसी चीज को अपनाते हैं तो..बस अपनाते हैं।उसकीअच्छाइयाँ,बुराइयाँ,कीमत,उसके...

Archana Anupriya
Jul 19, 20222 min read
bottom of page