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भावों की चयनिका by Archana Anupriya

भावों की चयनिका
- Archana Anupriya
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"सूर्य देवता की पूजा "छठी मैया" कैसे?"
छठ पूजा साक्षात् दृश्य देव सूर्य देवता की पूजा है।यह चार दिन की पूजा-विधि दीपावली के छठे दिन अपने चरम पर होती है और षष्टी तिथि की वजह से...

Archana Anupriya
Nov 19, 20205 min read
धनतेरस की पौराणिक कथा
भारत में कार्तिक कृ्ष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन धनतेरस का पर्व पूरी श्रद्धा व विश्वास के साथ मनाया जाता है। धनतेरस दो शब्दों से...

Archana Anupriya
Nov 12, 20205 min read
लोकतंत्र में क्यों जरूरी है चुनाव..?
भारत और अमेरिका जैसे बड़े लोकतांत्रिक देशों में आजकल चुनावों का माहौल छाया है।चुनाव राष्ट्र का बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है क्योंकि इसी के...

Archana Anupriya
Nov 10, 20207 min read


मेरे अहसास..MY QUOTES:
काला वजूद परछाई का बताता है हमें.. रौशनी के पीछे का अँधेरा याद रखा करो.. *************************** रिश्तों की तुरपाई जज्बातों से हो तो...

Archana Anupriya
Nov 2, 20201 min read


"कागज के टुकड़े" -अर्चना अनुप्रिया
सुबह से ही घर में हंगामा था।सारी सोसायटी के लोग महेशनाथ जी के घर के आगे जमा हो रहे थे। कल रात कोई चोर महेशनाथ जी की तिजोरी ही चुराकर ले...

Archana Anupriya
Oct 20, 20208 min read


"क्या महिलाएँ जानती हैं अपने सुरक्षा कानून..?"
अजीब विडंबना है कि हमारे देश में जहां स्त्रियों को देवी का दर्जा दिया जाता है,वहीं स्त्रियों की सुरक्षा दिन प्रतिदिन खतरे में पड़ी दिखाई...

Archana Anupriya
Oct 19, 202018 min read
"कितने अजीब हैं हम..!"
बड़े चाव से रसोई में हम आटे की लोई से रोटी बेल कर सपनों को आकार देते हैं.. हरी, लाल सब्जियों में तड़का लगाकर, प्रेम की खुशबू से घर सँवार...

Archana Anupriya
Oct 18, 20201 min read


"नोबेल पुरस्कार और महिलाएँ"
2020 का वर्ष महिलाओं के उपलब्धियों की दृष्टि से अत्यंत ही सफल वर्ष कहा जाएगा क्योंकि इस वर्ष चार महिलाएँ अलग-अलग क्षेत्रों में नोबेल...

Archana Anupriya
Oct 15, 20206 min read
"बिछोह"
यह कौन रोता है रात भर रोशनी के बिछोह में पत्ते-पत्ते पर फिसलते हैं आँसू शबनम का रूप लिए सारी धरा भर जाती है दर्द की असंख्य बूँदों से......

Archana Anupriya
Oct 12, 20201 min read


"बदलना होगा बंदरों को'
बदलना जरूरी है गाँधी के बंदरों को, अगर बदलना है समाज… बिखर रही है हर तरफ बुराई तो जरूरी है सुनना,आवाज रावण की,आतंक की,बुराई की ताकि पता...

Archana Anupriya
Oct 5, 20201 min read


"मेरे अहसास" MY QUOTES
पलकों पर ख्वाहिशों के घरौंदे सजते हैं, बनते नहीं.. हकीकत की दीवारें ख्वाबों के ईंटों से नहीं बनतीं... *********************************...

Archana Anupriya
Oct 4, 20201 min read
"अपलक निहारती.."
अपलक निहारती हूँ पानी की बूँदों को जो चमक रही थीं कल तक नर्म पत्तों पर ओस बनकर धरा की पेशानी पर थीं मेहनत का चमकता सूरज आज हवा के प्रेम...

Archana Anupriya
Oct 4, 20201 min read


"लाल बहादुर शास्त्री के प्रेरक प्रसंग"
"अत्यंत ईमानदार, दृढ़ संकल्प, शुद्ध आचरण और महान परिश्रमी, ऊँचे आदर्शों में पूरी आस्था रखने वाले निरंतर सजग व्यक्तित्व का नाम ही है- लाल...

Archana Anupriya
Oct 2, 20208 min read


"कालातीत यात्रा" (The Timeless Journey)
जीवन में यह कैसा परिवर्तन मेरी रूह की गहराइयों में उतरने लगा एक अवसर- स्वयं से मिलने का मन शांति में, आनंद में विचरने लगा... अनजान से पथ...

Archana Anupriya
Sep 29, 20201 min read


"ऐ पनिहारिन"
ऐ नार नवेली पनिहारिन गुपचुप सी तू क्या बोल रही? कुदरत के हरित आँगन में क्या जीवन संघर्ष को खोल रही ?... जीवन के घट में कर्मों के...

Archana Anupriya
Sep 28, 20201 min read


"जीवन प्रबंधन में साहित्य का योगदान"
जीवन और साहित्य का अटूट संबंध है। साहित्यकार अपने जीवन में जो दुख, अवसाद, कटुता,स्नेह,प्रेम, वात्सल्य, दया आदि का अनुभव करता है, उन्हें...

Archana Anupriya
Sep 26, 20204 min read
प्रेम" MY QUOTES
दूर दूर तक कोई नहीं है.. मैं हूँ,कोहरा है और ख्याल तुम्हारा.. ********************* पलकें उठीं और पलकें झुकीं इतनी ही सी बात पर बरबाद हुए...

Archana Anupriya
Sep 26, 20201 min read
इबादत/सजदा
जब कर्मों पर पाप हो भारी, और रूह में बैठा गुनाह रहे, भला फिर कैसे हो इबादत? कैसे सजदे में निगाह रहे? मन पर नशा हो दौलत का, हर पल बस...

Archana Anupriya
Sep 26, 20201 min read


घोंसला
पक्षी अब वृक्ष पर घर नहीं बनाते हम वृक्ष हटाकर घर बनाते हैं पक्षी अब ढूँढते हैं खिड़कियाँ, रोशनदान, टूटी टोकरी, घर का कोना जिसमें रंगी...

Archana Anupriya
Sep 22, 20201 min read
"महिला सुरक्षा के ठोस कदम"
आजकल महिलाओं के प्रति किए जघन्य अपराध आए दिन सामने आ रहे हैं। एक तरफ तो चिंता की बात है, दूसरी तरफ यह सुकून भी है कि महिलाएँ पहले की तरह...

Archana Anupriya
Sep 21, 20203 min read
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